धारा 370 क्या है ?

धारा 370
धारा 370

धारा 370 क्या है ?

दोस्तों हम अक्सर ही धारा 370 के बारे में सुनते है | इस धारा 370  ही वह कारण जिसके चलते आज जम्मु कश्मीर को बाकी राज्यों से ज्यादा और विशेष  प्रकार के अधिकार प्राप्त हुए है  | भारतीय संसंद को भी जम्मू कश्मीर के बारे में कानून बनाने के ज्यादा अधिकार नही है | ये सब कैसे और क्यों हुआ ? आखिर क्यों धारा 370 के तहत जम्मु कश्मीर को विशेष दर्जा दिया गया ? ऐसी कौन सी परस्थितिया थी जिसके कारन यह सब करना पड़ा ? चलिए देखते है आखिर क्या वजहे थी जिसके कारन धारा 370 विवादित धारा बन गयी |

क्यों धारा 370 के  तहत जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा दिया गया ?

भारत स्वतंत्र होने के दौरान भारत में ५६२ स्वतंत्र रियासते मौजूद थी जो की अंग्रेजो के शाशन के तहत अपना कार्यभार चलती थी | भारत को स्वतंत्रता मिलने के दौरान भारत का विभाजन दो भागो में हो गया ,भारत और पाकिस्तान | भारत में ५६२ मौजूद जो छोटी छोटी रियासते थी उनको ये अधिकार दिया गया था की  वह अपना निर्णय खुद ले सकते है की उन्हें भारत ,पाकिस्तान या स्वतंत्र रहना है |

सरदार वल्लभभाई पटेल जी ने भारत की सारी रियासतों का विलय भारत में करवा लिया | लेकिन जम्मू कश्मीर रियासत के अधिकार पंडित जवाहरलाल नेहरू ने अपने पास रखे थे इस वजह से पटेल जी इसमें हस्तक्षेप नहीं कर सके |

उधर कश्मीर के राजा हरिसिंह जो की एक हिन्दू था और कश्मीर की प्रजा मुस्लिम बहुल | राजा हरिसिंह स्वतंत्र रहना चाहता था | वो भारत या पाकिस्तान में शामिल नहीं होना चाहता था | लेकिन स्वतंत्रता के तुरंत बाद पाकिस्तान ने अपने सैनिक कबायलियो के भेष में कश्मीर में भेज दिए |

कबायलियों ने कश्मीर में भारी लूटपाट मचा रखी थी | इसी वजह से राजा हरिसिंह ने भारत के प्रधानमंत्री के पास मदत की याचना की लेकिन भारत ऐसे ही कश्मीर में मदत के लिए अपने सैनिक नहीं भेज सकता था | इसलिए राजा हरिसिंह ने भारत के साथ विलय करने का प्रस्ताव रखा और विलयपत्र पर हस्ताक्षर कर दिए |

लेकिन  तब इतना समय नहीं था कि कश्मीर को भारत में एक राज्य के तौर पर  विलय करने की संवैधानिक प्रक्रिया के तहत विलय  कीया  जा सके। नाजुक हालात को देखते हुए गोपालस्वामी आयंगर जी ने संविधान सभा में धारा 306-A का प्रारूप तैयार करके रख दिया , जो की बाद में वही धारा 306-A  बाद में धारा 370 बनी,और इसी कारन जम्मू कश्मीर को विशेष अधिकार प्राप्त हुए|

  धारा 370 के तहत जम्मू कश्मीर को क्या विशेष अधिकार है ?

  • इस धारा 370 के तहत अगर कोई कश्मीरी लड़की किसी दुसरे राज्य के लड़के  से शादी करती है तो उस लड़की की  कश्मीर की नागरिकता निकाल दी  जाती है| फिर उसे कश्मीर का नागरिक नहीं माना जाता है |
  • कश्मीर भारत का राज्य होते हुए भी भारत के अन्य राज्यों के लोग जम्मू कश्मीर में जमीन की खरीदारी नहीं कर सकते हैं|बाहर के लोगो पर जमीन खरीदारी पर पाबन्दी है |
  • भारत में केवल एक ही झंडा होता है और वो है तिरंगा लेकिन जम्मू-कश्मीर में दो अलग अलग झंडे होते है तिरंगे झंडे के आलावा जम्मू कश्मीर का   का अलग झंडा होता है ।
  • जब भारत में कोई वित्तीय संकट पैदा होता है तो वित्तीय आपातकाल लगाने का प्रावधान  धारा 360 के तहत दिया गया है लेकिन यह वित्तीय आपातकाल वाली धरा 360 भी जम्मू कश्मीर पर लागू नहीं होती है ।
  • भारत के किसी भी अन्य राज्य के लोग वहा जाकर जम्मू कश्मीर की नागरिकता नहीं ले सकते है |
  • भारत की संसद जम्मू-कश्मीर में रक्षा, विदेश मामले और संचार के अलावा कोई अन्य कानून नहीं बना सकती।
  • धारा 356 लागू नहीं, राष्ट्रपति के पास राज्य के संविधान को बर्खास्त करने का अधिकार नहीं।
  • जम्मू कश्मीर में राष्ट्रपती शाशन भी नहीं लगाया जा सकता | वहा पर राष्ट्रपति शाशन के बजाय राज्यपाल शाशन लागु हो सकता है |
  • वहा के विधानसभा का कार्यकाल ६ साल का होता है जबकि भारत के अन्य सभी राज्यों में विधानसभा का कार्यकाल ५ साल होता है

 

 

 

 

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